
देहरादून, 17 अप्रैल 2026 । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर की एक सशक्त वास्तविकता है, जो शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों को तेजी से प्रभावित कर रही है। उन्होंने एआई को केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण उपकरण बताया।
राज्यपाल शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में शिक्षा विभाग एवं संपर्क फाउंडेशन द्वारा आयोजित “शिक्षा पर एआई के प्रभाव” विषयक संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी एआई, मेटावर्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों का युग है और इनका समावेश समय की आवश्यकता बन गया है। इन तकनीकों को अपनाकर उत्तराखण्ड के छात्र न केवल नए अवसर प्राप्त करेंगे, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार होंगे।
राज्यपाल ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्रों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक बनाएं और उन्हें इनके उपयोग के लिए सक्षम करें। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य के शिक्षक और छात्र मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति लाने में सफल होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि एआई के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी बनाया जा सकता है, विशेष रूप से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। साथ ही, एआई भाषा संबंधी बाधाओं को दूर कर स्थानीय भाषाओं में शिक्षा को सशक्त बनाने में भी मददगार है।
राज्यपाल ने ‘संपर्क फाउंडेशन’ के संस्थापक-अध्यक्ष विनीत नायर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने लाखों विद्यार्थियों और हजारों विद्यालयों तक पहुंच बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का सराहनीय कार्य किया है।
कार्यक्रम में सचिव रविनाथ रामन, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, संपर्क फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. के. राजेश्वर राव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।


