देहरादून, 07 अक्टूबर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को लोक भवन में टी.बी. एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा क्षय रोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ‘टी.बी. सील’ का अनावरण किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि क्षय रोग के उन्मूलन के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग या किसी एक संस्था के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि टी.बी. के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। लोगों को क्षय रोग के लक्षण, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी अथवा स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि क्षय रोग के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समय पर जांच और उपचार को लेकर भी लोगों को प्रेरित किया जाना चाहिए। सामूहिक प्रयासों से ही टी.बी. उन्मूलन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
टी.बी. एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा प्रत्येक वर्ष अक्टूबर माह में क्षय रोग के प्रति जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत ‘टी.बी. सील’ जारी की जाती है। पांच रुपये मूल्य की इस सील की बिक्री से प्राप्त धनराशि का उपयोग संस्था द्वारा क्षय रोग के प्रति जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा अन्य जनहितकारी गतिविधियों में किया जाता है।
इस अवसर पर टी.बी. एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड की महासचिव पूनम किमोठी ने बताया कि राज्यपाल के सहयोग से गत वर्ष क्षय रोग से मुक्त हुई 10 महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन की तीनों डोज लगवाई गईं। साथ ही, इन महिलाओं को आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से सिलाई मशीनें भी वितरित की गईं। संस्था द्वारा प्रतिमाह 13 क्षय रोगियों को निक्षय पोषण आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से संस्था ने क्षय रोग के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद रोगियों को सहयोग उपलब्ध कराने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।


